Thursday, November 20, 2014

बहुत गुमान है तुम्हें  अपनी आँखों पर। 
जा हमने आज से पीना ही छोड़ दिया। 
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'
तुम्हारी मोहब्बत मिले तो ख़ुशी भी होगी और ये ग़म भी।
मेरे   ज़ेहन   से   ग़ज़लों   का   हुनर   चला   जायेगा।।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Tuesday, June 10, 2014

जीने का बहाना नहीं आया.....

ख्वाबों को हकीकत में मिलाना नहीं आया।
मुझे  जिंदगी  जीने  का  बहाना नहीं आया।

सरकते   न  आँसू  आँखों  की दहलीज से।
तेरी यादों को ठीक से सहलाना नहीं आया।

रात   सूना   रहा   मेरी  उम्मीदों  का आँगन।
आज  कोई  ख्वाब  तेरा सुहाना नहीं आया।

रूठी  धड़कनो  की  हसरतें  हो  जाती पूरी।
तुम्हें  सलीके  से  गले  लगाना  नहीं  आया।

थामा  ही  नहीं  तुमने  इशारों  की  डोर  को।
मुझे    ही   कोई   बात  बताना  नहीं  आया।

तुम   न   जाते   तो भला  और  क्या  करते।
मुझे   ही   साथ   तेरा  निभाना  नहीं  आया।

झूठी  तसल्ली  ही  सही  कुछ  तो  मिलता।
तक़दीर     तुझे     बहलाना    नहीं    आया।

हम   सोए   ऐसा   की   फिर   उठे   ही नहीं।
माँ  की  तरह  किसी को जगाना नहीं आया।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Sunday, March 30, 2014

तेरे हाथों को छुए ...

''तेरे हाथों को छुए ज़माने हो गए।
मैं तेरा था कभी,ये किस्से अब पुराने हो गये॥
हवाओं की तरह तुमने रुख मोड़ लिया है मुझसे,
टूट कर ऐसे बिखरे की फ़िर खाने खाने हो गए। "
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'

Wednesday, December 11, 2013

चाह ने जिन्दा रखा है...

तुझे खोने का इल्म है हमें मगर। 
तुझे पाने की चाह ने जिन्दा रखा है। 
- प्रवीण तिवारी 'रौनक'

लबों पर प्यास रहती है...

हाथ दिल पर, लबों पर प्यास रहती है।
कुछ इस कदर, तुझे पाने की आस रहती है।
-प्रवीण तिवारी 'रौनक ' 

हिन्द की शान है हिंदी.....(14 sep)

हिन्द की शान है हिंदी तो हिंदुस्तान कि निशानी है
शहीदों का अभिमान हिंदी तो शूरवीरों कि कहानी है
शरीर में लहू बनकर जिनके दौड़ती है नस नस में,
 उन बेटों कि माँ है हिंदी, उन युवाओं की जवानी है
-प्रवीण तिवारी 'रौनक'